शनिवार, 14 नवंबर 2009

तू पञ्जाबी , मै बिहारी .
कैसे करुँ मै तुझसे यारी.

किस्मत हाय कैसी पायी
मै मजदूर , तू. व्यवसायी

तू है लखपति , मै हूँ कंगला.
मेरी झुग्गी. तेरा बंग्ला.

मै हूँ नाला , तू मझधार ,
मेरी रिक्शा,तेरी कार

मेरी छठ है, तेरी लोहरी
नहीं जमेगी , अपनी जोड़ी.
                      गुंजन कुमार झा