गुरुवार, 22 अक्टूबर 2009

सबसे पहले उन सभी तिप्प्निकर्ताओं का शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने मुझ नाचीज को पढ़ने की जहमत उठाई।
मै एक साधारण घर से ताल्लुक रखता हूँ और मेरा सारा का सारा दिन मोटर साईकिल पर गुजरता है । सडको मेरा सामना चौपायों(cars) से होता रहता है। दुपहिया वाहनों के प्रति उनके मन में जरा भी दया नही होती और वे बिल्कुल बेतकल्लुफी से वहां चलते है । इससे कई बार हमारी जान को बन आती है। एक तो वैसे ही दुपहिया चलाना शहरों में खतरनाक है ऊपर से कार वालो का भी उत्पात रहता है । मेरे ख्याल से बड़ी गाड़ी के साथ बड़ी जिम्मेदारिय्पो कोभी सीख ही लेना चाहिए ।

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