बुधवार, 21 अक्टूबर 2009

ब्लॉग बनाना मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव है । मैंने सुना था की ब्लॉग बनने से आपको सहज ही अनेक अच्छे पाठक मिल जाते है । किंतु मेरा अनुभव तो बिल्कुल ही अलग रहा । मुझे लगता था की ज्योही मैकुछ लिखूंगा तुंरत मुझे उसकी प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो जाएगी । पुरे २४ घंटे हो चुके है किंतु उसे किसी महोनुभाव ने नही पढ़ा। थोडी बहुत प्रतिक्रिया मिले तो ही लिखने का मन बनता है ।

11 टिप्‍पणियां:

  1. स्वागत है हिन्दी चिट्टाजगत में। लिखियते चलिये औरों के यहां भी टिप्पणी कीजिये तभी तो उनको मालुम होगा कि आप भी लिखने लगे हैं।

    काले पर सफेद से लिखने पर, पढ़ने में मुश्किल होती है।

    कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। यह न केवल मेरी उम्र के लोगों को तंग करता है पर लोगों को टिप्पणी करने से भी हतोत्साहित करता है। आप चाहें तो इसकी जगह कमेंट मॉडरेशन का विकल्प ले लें।

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  2. आप सौभाग्यशाली मित्रों का स्वागत करते हुए मैं बहुत ही गौरवान्वित हूँ कि आपने ब्लॉग जगत मेंपदार्पण किया है. आप ब्लॉग जगत को अपने सार्थक लेखन कार्य से आलोकित करेंगे. इसी आशा के साथ आपको बधाई.
    ब्लॉग जगत में आपका स्वागत हैं,
    http://lalitdotcom.blogspot.com
    http://lalitvani.blogspot.com
    http://shilpkarkemukhse.blogspot.com
    http://ekloharki.blogspot.com
    http://adahakegoth.blogspot.com
    http://www.gurturgoth.com

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  3. ji thoda dharya rakhiye..aapko pdha bhi jayega aur note bhi kiya jayega...

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  4. लो जी आगई आठ टीप्पणीयां तो, अब लिखना शुरु कर दिजिये. और टिप्पणीय़ां चाहिये तो दूसरे ब्लाग्स पर जाकर टिप्पणीयां किजिये, शादी वाला लिफ़ाफ़ा है, बिल्कुल लौट कर आयेगा.

    रामराम.

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  5. hummmm bahut bahut swagat hai.....hindi chitthajagat mai likhte rahe or naye anubhaw hote rahenge..

    Jai Ho mangalmay ho

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  6. आपकी सुनने को बेताब हैं ,हुज़ूर |

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